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केंद्र सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडर की रिफिलिंग पर लगाई रोक।
खाड़ी संकट-तो क्या फिर गैस पर लोटेगा कालाबाजारी का दौर।
बदांयू 10 मार्च।
व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत से बाजार बेजार हो जाएगा। पटरी दुकानदार सड़क पर आ जाएंगे। कैटरर्स की नींद उड़ी है। यदि काम नहीं होगा तो कच्चा माल भी रखे रखे खराब हो जाएगा।


पूरे प्रदेश में घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम में 115 रुपये तक की बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लग गई है। जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई, नए सिलिंडर बुक कराने वालों की होड़ मच गई। जबकि जिला आपूर्ति अधिकारी ने दावा किया कि गैस की कोई कमी नहीं है रोज़ाना सिलिंडर की आपूर्ति की गई है।
दूसरी ओर, आपूर्ति रुकने के साथ ही मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 1900 रुपये वाले व्यावसायिक सिलिंडर के लिए तीन हजार से 3200 रुपये का रेट तय कर दिया है।
वही छोटे सिलेंडर भी अब 11 सो से 12 सो रूपये में मिलने लगा है।




खानपान से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से खानपान का बाजार बेहद खराब हालत में पहुंचना तय है। इसका असर बड़ी आबादी पर होगा। पटरी व्यवसायी हो या बड़े होटल, सभी पर असर पड़ेगा।
कारोबारियों के सामने अब तीन विकल्प
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर अपना होटल, रेस्टोरेंट, खानपान की दुकान या ठेला-खोमचा बंद कर दें। इससे उन लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर होगा, जो इन प्रतिष्ठानों में काम करते हैं।
लगभग दोगुने दाम पर ब्लैक में सिलिंडर लेकर काम करें और खानपान की चीजों के दाम बढ़ा दें। इसका नुकसान ग्राहकों को खानपान की महंगी चीजों के रूप में उठाना पड़ेगा।
या कारोबारी चोरी-छिपे घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल कर अपना धंधा करते रहें, क्योंकि अभी घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक का आदेश नहीं है। इससे घरेलू सिलिंडर का संकट बढ़ सकता है। इससे घर-घर के लोग प्रभावित होंगे।
अब बुकिंग करने वालों को सख्त निगरानी के साथ सिलिंडर की आपूर्ति होगी। यदि कोई सिलिंडर का भंडारण करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोकने के आदेश की जानकारी के बाद शादियों में कैटरिंग करने वालों की नींद उड़ गई है। कैटर्स सुनील ने बताया कि 15 मार्च तक सहालग होने के कारण उनके साथ जुड़े 200 से ज्यादा लोगों के पास खानपान के इंतजाम का बयाना है। 11 मार्च को सबसे बड़ी सहालग है, व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर खानपान कैसे तैयार होगा, यह बड़ी समस्या है।
मिठाई की दुकान चलाने वाले राकेश शर्मा बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर रोज-रोज आते हैं। किसी के पास भी एक दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं होता है। सिलेंडर नहीं मिला तो दुकान बंद करने की नौबत होगी।
जिले में करीब 10 हजार खानपान सेवा वाले पटरी दुकानदार हैं। किसी को भी घरेलू सिलिंडर लगाने की अनुमति नहीं है। व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिला तो पटरी दुकानदार क्या करेंगे? आज के जमाने में मिट्टी के तेल से चलने वाला स्टोव भी नहीं इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में पटरी दुकानदार के सामने रोजी-रोटी का संकट होगा। काम बंद हुआ तो सभी सड़क पर आ जाएंगे।
प्रदीप प्रजापति बदायूं
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