नहटौर में 19 वर्षीय मुस्लिम युवती ने अपने हिंदू बॉयफ्रेंड के साथ रहने के अधिकार के लिए पहले थाने और फिर अदालत का दरवाज़ा खटखटाया। युवती का आरोप है कि परिवार उस पर जबरन निकाह का दबाव बना रहा था और युवक पर जादू-टोना जैसे आरोप लगाए जा रहे थे।
युवती ने कोर्ट को बताया कि उसके घरवाले उसकी मर्जी के खिलाफ उम्र में 10–12 साल बड़े एक रिश्तेदार से निकाह कराना चाहते हैं। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवती को बालिग मानते हुए अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और साथ रहने की अनुमति दे दी।
कोर्ट के आदेश के बाद युवती को राहत मिली है, जबकि मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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