बसंत पंचमी पर बनेगी 196 वर्ष बाद सप्त महायोगों की स्थिति: आचार्य राजेश कुमार शर्मा
इस बसंत पंचमी पर बन रहे हैं कई दुर्लभ योग और अबूझ मुहूर्त,
हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का बड़ा महत्व है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है, माता रानी को उनके प्रिय भोग लगाने के साथ ही वस्त्र और फल फूल अर्पित करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। व्यक्ति के सभी पाप दोष नष्ट हो जाती है। बुद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार बसंत पंचमी पर कई दुर्लभ योग और अबूझ मुहूर्त हैं, जिनमें पूजा अर्चना करने मात्र से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाएंगी। आइए जानते हैं आचार्य राजेश कुमार शर्मा से बसंत पंचमी की तिथि, योग और मुहूर्त…
कब है बसंत पंचमी
बसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि पर मनाई जाती है। इस साल बसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दिन कई दुर्लभ ज्योतिषीय योग बन रहे हैं, साथ ही एक अबूझ मुहूर्त भी है। इसी कारण विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, संपत्ति संबंधी लेन-देन और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त की सलाह लिए किए जा सकते हैं।
बसंत पंचमी–
बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना गया है, यानी इस तिथि के शुरू होने से लेकर समाप्ति तक हर एक मिनट शुभ होता है। इस बार बसंत पंचमी की शुरुआत 22 जनवरी 2026 को रात्रि 2:30 से होगी, वहीं इसकी समाप्ति 23 जनवरी 2026 को रात्रि 1:48 पर रहेगी। ऐसे में यह पूरे दिन का समय शुभ होगा, जिसमें व्यक्ति कोई भी शुभ कार्य कर सकता है।
बसंत पंचमी पर शुभ योग
परिधि योग और शिव योग, परिधि योग के बाद, शिव योग प्रभावी होगा, जिससे आध्यात्मिक और भौतिक सफलता में वृद्धि होगी. वहीं इसके बाद रवि योग बन रहा है, यह बहुत ही शक्तिशाली माना जाने वाला योग है, यह नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है, रवि योग के दौरान की गई पूजा से स्वास्थ्य, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है,सर्वार्थ सिद्धि योग जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, इस योग के दौरान शुरू किया गया कोई भी कार्य सफल होता है। नए व्यवसाय, गृह प्रवेश समारोह और वाहन खरीद के लिए आदर्श,वहीं अमृत सिद्धि योग में महत्वपूर्ण कार्यों में दीर्घकालिक स्थिरता और सफलता सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही मालव्य और शशा राज योग कई वर्षों के बाद शुक्र और शनि अपनी उच्च राशि में स्थित होकर शक्तिशाली राज योग बनाएंगे। यह संयोजन विलासिता, आराम और कैरियर में वृद्धि के लिए अत्यंत अनुकूल है
बसंत पंचमी विशेष लाभकारी
अक्षर अभ्यासम: शिशु की शिक्षा की शुरुआत करना (उसे पहली बार पेंसिल पकड़वाना) अत्यंत शुभ माना जाता है, इसके साथ ही इस दिन वंचित बच्चों को किताबें, कलम या शैक्षिक सामग्री दान करने से देवी सरस्वती का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना और पीले रंग की मिठाई चढ़ाना अत्यंत
लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह दिन गुरु (बृहस्पति) और देवी सरस्वती से जुड़ा हुआ है, जो ज्ञान और सौभाग्य को बढ़ाता है।
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