राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट रजि. भारत नें बरेली स्थित सर्किट हाउस चौराहे पर हेमू कालाणी की प्रतिमा पर मालार्पण कर पुष्पांजलि देकर मनाया मनाया”अमर शहीद हेमू कालाणी” का बलिदान दिवस राजकीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने बताया देश की आजादी में सिंधियों का योगदान महत्वपूर्ण हो रहा है विभाजन के बाद सिंधी समुदाय ने न केवल अपनी पहचान बनाई बल्कि भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हेमू कालाणी को सिंधी के सख्ख्यात में 23 मार्च सन 1923 में जन्मे थे मात्र 7 वर्ष के थे तब तिरंगा लेकर अंग्रेजो की बस्ती में अपने दोस्तों के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व करते थे और अंग्रेजों भारत छोड़ो नारे के साथ अपनी टोली के साथ शिंध प्रदेश में तहलका पहुंचा दिया था ऐसे युवा क्रांतिकारी को मैं शत-शत नमन करती हूं राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन निहालनी ने बताया की अमर शहीद हेमू कालाणी का नारा था अंग्रेजों को जाना ही होगा इससे देश की जनता अंग्रेजों के विरुद्ध उद्वेलित हो गई थी और क्रांतिकारी गतिविधियों को तेज हो गई थी फलत: ब्रिटिश सरकार क्रांतिकारियों का दमन करने लगी सिंध प्रांत में जब यह आंदोलन तीव्र हुआ उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रतिरोध आंदोलन में अपना योगदान दिया हम उनका आज बलिदान दिवस मना रहे हैं मैं ऐसे युवा क्रांतिकारी को उन्हें शत-शत नमन करता हूं हेमू कालाणी के बलिदान दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया, राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन निहालनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मुकेश मेहंदीरत्ता, राकेश मौर्य, संरक्षक जे. आर गुप्ता, भारतेंद्र सिंह, धनेंद्र शर्मा, लाखन सिंह, दामोदर सिंह, रामकिशोर, आदि लोग मौजूद रहे



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