।
बदांयू 1 सितंबर।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि सात सितंबर को चंद्र ग्रहण लगेगा। इस दिन से पितृपक्ष की भी शुरुआत हो रही है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य होगा।
मान्यता है कि चंद्र ग्रहण में सूतक काल शुरू होते ही पूजा-पाठ, भोजन पकाना या खाना भी वर्जित है, सूतक लगने से पहले ही खाने में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं ताकि ग्रहण का अशुभ प्रभाव उस पर न पड़े।



ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन देर रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले लागू हो जाता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे में सात सितंबर के चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू हो जाएगा। सात सितंबर की दोपहर सूतक काल लगने से पहले ही तुलसी के पत्ते तोड़कर उन्हें खाने की चीजों में डालकर रख दें।

badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
