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बदांयू 1 सितंबर।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 4 सितंबर 2024 को जारी अधिसूचना के तहत यह व्यवस्था लागू कर दी थी कि छात्रों को अब माइग्रेशन सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी। इसके स्थान पर डिजिटल कॉपी ही उपलब्ध होगी, जिसे आगे की पढ़ाई के लिए अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रस्तुत किया जाएगा।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र को एक हलफनामा जमा करना अनिवार्य होगा, जिस पर नोटरी पब्लिक की सत्यापित मुहर होनी चाहिए। इसमें यह घोषित करना होगा कि प्रस्तुत किया गया डिजिटल माइग्रेशन सर्टिफिकेट किसी अन्य संस्थान में दाखिले के लिए उपयोग नहीं किया गया है। यदि किसी भी स्तर पर जानकारी गलत या दोहराई हुई पाई जाती है, तो छात्र का प्रवेश रद्द कर दिया जाएगा और जमा की गई फीस भी वापस नहीं होगी।



विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्राचार्यों और संबद्ध कॉलेजों के निदेशकों को निर्देशित किया है कि वे छात्रों से आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त करें और इस नई व्यवस्था की जानकारी उन्हें दें।यह कदम न केवल पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, बल्कि छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में भी अहम साबित होगा।
प्रदीप प्रजापति
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