वैभव सूर्यवंशी के भारतीय टीम में चयन के बाद उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे के संघर्ष और मेहनत के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वैभव बचपन से ही क्रिकेटर बनने का सपना लेकर लगातार अभ्यास करता रहा और इस दौरान उसे अनुशासन के लिए कई बार डांट भी सुननी पड़ी।
पिता के अनुसार, कड़ी मेहनत, समर्पण और सख्त अनुशासन ही वैभव की सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में मिली यह उपलब्धि वर्षों की मेहनत का परिणाम है।
महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट की नई उम्मीद के रूप में उभरकर सामने आए हैं और क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब उनके आगामी प्रदर्शन पर टिकी हैं।
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