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दर्जनों पशुओं को इकट्ठा करना, केंटर से राजस्थान ले जाना, बिना पुलिस के संभव नहीं।
बदांयू 4 दिसंबर।
कल से जिले में राजस्थान के पशु तस्करों के नेटवर्क का पता लगते ही, उझानी, मुजरिया व कछला चौकी पुलिस की संदिग्ध भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसा हो नहीं सकता कि इतने बड़े केंटर से आवारा गोवंशीय पशुओं को बदांयू से राजस्थान ले जाना, कल भी कछला चौकी पुलिस बरामद केंटर को पशुओं की तस्करी से जोड़कर नहीं देख रही थी। पुलिस तो पशुप्रेमियों को गुमराह कर रफा-दफा करने में लगी थी।


बताते हैं चार दिन पहले उसावां में भी इसी तरह बंजारा प्रजाति के लोगों को पशुओं के साथ पशुप्रेमियों ने पकडा महिलाओं सहित तीन लोगों को पुलिस को सोंपा भी मगर उसावां पुलिस ने कोई कार्रवाई ना कर मामले को रफा-दफा कर दिया। आज उसका वीडियो वायरल हो रहा है।

वहीं कल भी ग्रामीणों द्वारा केंटर पकड़े जाने के बाद पशुप्रेमियों को पुलिस ने गुमराह कर दिया। वह तो ग्रामीणों संग पशुप्रेमियों की टीम पूरे दिन जंगलों की ख़ाक छानते हुए। पशुओं को पकड़ने वाले बंजारा समुदाय के गेंग तक पहुंच गई।
ऐसा नहीं कि राजस्थान का मेवात गेंग आज पहली बार पशुओं की तस्करी कर रहा है,सूत्र बताते हैं ख़ानाबदोश बंजारों की वज़ह से यह तस्करी का काम काफी लम्बे समय से चल रहा है।


इससे लगता है उझानी कोतवाली पुलिस,कछला चौकी व मुजरिया पुलिस की इसमें मिलीभगत है। वर्ना इतना बडा तस्करी का गेंग चलाना बिना पुलिस की मदद से नामुमकिन है। एसएसपी डॉ ब्रजेश कुमार सिंह को इन पुलिस कर्मियों की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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