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उझानी बदांयू 23 नवंबर।
सहालग शुरू होने के साथ सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। टमाटर की कीमत जहां दोगुनी हो गई है वहीं मिर्ची के दामों में भी उछाल आया है। इसका कारण मंडी में बाहर से कम आवक होना और आसपास के क्षेत्रों से सब्जियों की उपलब्धता न होना है।
इस मौसम में जहां हरी मटर की आवक सर्वाधिक होती थी और दाम कम होता था वहीं अब मटर कुछ ही दुकानदार बेच रहे हैं। कारण हरी मटर की कम आवक के कारण ऊंचे दाम हैं। सर्दियों में जो टमाटर सस्ता और अच्छा मिलता था वह भी बाजार में दोगुने दाम पर मिल रहा है। भिंडी, परवल, अरबी के दाम भी बढ़े हैं। ओर तो ओर फ्री के भाव बिकने वाला बथुआ 60 रूपए किलो बिक रहा है। केवल आलू के दामों में गिरावट आई है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस बार बरसात के कारण फसल को नुकसान हुआ था। इसलिए दोबारा सब्जियों की बोआई की इसलिए मंडियों तक सब्जी कम पहुंच रही है।
सब्जी विक्रेता अमर सिंह का कहना है कि सहालग महंगाई का कारण नहीं है बल्कि बाहरी मंडियों का माल न आने के कारण दाम बढ़ गए हैं। सब्जी विक्रेता राहुल वार्ष्णेय का कहना है कि इस समय तक आसपास के क्षेत्र से सब्जियां आनी शुरू हो जाती थीं पर इस बार उनकी भी आवक नहीं हो रही है। इसलिए हरी सब्जी सस्ती नहीं मिल रही है।
सब्जी के दाम
टमाटर 30 से 60 हो गया है। मिर्ची 40 से 60, अदरक 60 से 80, कद्दू 10 से 30, मटर 140, धनिया 50 से 80, भिंडी 20 से 40, अरबी 40 से 80, फूलगोभी 20 से 30, मेंथी 80 तो गाजर 60 पर पहुंच गई है।
सर्दियों में पालक, धनिया, मेंथी की फसल बोई थी, लेकिन बेमौसम बरसात के कारण फसल नष्ट हो गई। इसलिए दोबारा फसलों की बोआई की है। बढ़वार के बाद कटाई कर मंडियों में भेजी जाएगी- गंगासिंह शाक्य, किसान उझानी।
मटर की फसल समय से बोई थी लेकिन बरसात ने सब पर पानी फेर दिया। दोबारा फसल बोई है। यही कारण है कि अभी तक मटर बाजार में दिखाई नहीं दे रही और महंगी है। महावीर सिंह किसान नरऊ।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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