
बदांयू 6 सितंबर।
पितृपक्ष का श्राद्ध सात सितंबर से शुरू हो रहा है। इसका समापन 21 सितंबर को अमावस्या से होगा। सात से 21 सितंबर के बीच लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करेंगे। 12 सितंबर को पंचमी व छठवीं दोनों तिथि एक ही दिन पड़ने से दो तिथियों में किए जाने वाले श्राद्ध एक की दिन किए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि पूर्वजों का तर्पण व पिंडदान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। 12 सितंबर को पंचमी व छठवीं दोनों तिथि पड़ रही है। इसलिए इस दिन दोनों तिथियों में पड़ने वाले पूर्वजों का श्राद्ध किया जा सकेगा।
बाकी अपने तिथियों के अनुसार ही श्राद्ध करेंगे। पितरों का श्राद्ध करने वाला गृहस्थ, दीर्घायु, पुत्र पौत्रादि से युक्त, यश, स्वर्ग, पुष्टि, बल, लक्ष्मी ,पशु, सुख साधन तथा धन-धान्य आदि की प्राप्ति करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि सात सितंबर को रात 9.47 से रात 1.27 तक चंद्र ग्रहण होगा। सूतक दिन में 12.57 बजे से लग जाएगा और मोक्ष 01.27 तक होगा।
प्रदीप प्रजापति




badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com