बरेली मथुरा हाईवे पर पूरी रात चला कांवड़ियों का रैला।
बदांयू
बदांयू रविवार सुबह से लेकर सोमवार सुबह तक शिवभक्ति में रंगी नजर आई। कांधे पर कांवड़ और पैरों में घुंघरू बांधकर भक्त बोल बम के जयकारे लगाते नजर आए। श्रद्धालु कछला गंगा घाट से जल लेकर लौटे और ट्रक-ट्रैक्टरों पर लगे डीजे पर भक्ति गीतों पर झूमते दिखे। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी कांवड़ यात्रा में शामिल रहे।
कांधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरू बांधकर छम-छम करते चलते कांवड़िये और डीजे पर बजते भजनों के बीच लगते बोल बम के जयकारे… रविवार की रात शहर का माहौल कुछ ऐसा ही रहा। सावन के चौथे सोमवार को गंगाजल से भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कछला से जल लेकर लौट रहे कांवड़ियों से हाईवे शिवमय हो गया। रविवार सुबह कछला गंगा घाट से कांवड़ लेकर श्रद्धालु वापस आने लगे।
बरेली, पीलीभीत , पूरनपुर, शाहजहांपुर बिलासपुर, मिलक आदि जाने वाले कांवड़िये भोले की भक्ति में झूमते हुए चल रहे थे। खड़ी कांवड़, बैकुंठी कांवड़, कमंडल में गंगा जल लेकर आ रहे थे।
ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बड़े-बड़े डीजे लगे थे। इन पर बज रहे भक्ति गीतों पर कावड़िये थिरकते नजर आए। रात हुई मूसलाधार बारिश के बावजूद उनके चेहरे पर थकान नहीं थी, बल्कि होठों पर भोलेनाथ के जयकारे थे। पैरों में बंधे घुंघरुओं से वह छम-छम करते चल रह थे। पुरुष ही नहीं, महिलाएं और बालक भी कावड़ लेकर निकले।
कांवड़ भी आकर्षक तरीके से सजाई गई थीं। बैकुंठी कावड़ के अलावा भोले की प्रतिमाएं साथ लेकर कांवड़िए जा रहे थे। महाकाल की कांवड़, बाबा कामेश्वर नाथ, महाकालेश्वर समेत तमाम नाम से बेड़े गुजर रहे थे।
चिकित्सा शिविर में जिन कांवड़ियाें के पैरों में चोट है, उनकी मरहम पट्टी की गई।
प्रदीप प्रजापति




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