10:09 pm Wednesday , 22 July 2026
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छायाबाद पर विचार गोष्ठी उत्तराखण्ड में सम्पन्न

बदायूं: उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सेवा समिति बदायूं व मगसम साहित्य संस्था ऋषिकेश इकाई ने हिंदी साहित्य में छायावाद पर बृहद विचार गोष्ठी का आयोजन किया। छायावाद वृहद विचार गोष्ठी में देश के प्रख्यात कवि एवं साहित्यकारों ने प्रतिभाग किया। छायावाद के चतुर्स्तंभ जयशंकर प्रसाद, प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पन्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला तथा महादेवी वर्मा जी की काव्य विधाओं पर विभिन्न आलोचकों की आलोचनाओं को साझा कर मंथन किया गया। रमेश द्ववेदी ने अचार्य राम चन्द्र शुक्ल के द्वारा लिखे गए हिन्दी साहित्य का इतिहास से कुछ तथ्य रखे।सभी साहित्यकारों ने आधुनिक काल में छायावाद को स्वर्ण युग कहा। संस्था के अध्यक्ष विष्णु असावा ने कहा कि हम अपनी संस्था के माध्यम से उत्तराखण्ड के साहित्य व हिन्दी साहित्य में छायावाद की प्रमुखता को विशेष महत्व देते हुए हिंदी साहित्य को शिखर तक ले जाने के लिऐ प्रतिबद्ध हैं। इस गोष्ठी में प्रदीप मिश्र अजनबी प्रभाकर सक्सेना ओजस्वी जौहरी ललतेश ललित हरगोविंद पाठक अचिन मासूम अमित अम्बर विवेक यादव अज्ञानी गीतांजलि वार्ष्णेय आशीष दौनेरिया आदि साहित्यकार उपस्थित रहे।

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