भारतीय जैन मिलन शाखा बिल्सी के पदाधिकारियों ने गुजरात सरकार को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बिल्सी को सौपा ,नीरेश जैन,प्रशान्त जैन,स्वीटी जैन,मोना जैन,बबिता जैन समेत कई लोग मौजूद रहे
भारतीय जैन मिलन
बिल्सी जनपद बदायूँ क्षेत्र संख्या 3 अखिल भारतीय जैन मिलन से सम्बद्ध संस्था द्वारा आज ,भूपेंद्र पटेल मुख्य मंत्री, गुजरात सरकार को संबोधित ज्ञापन आज
दिनांक: 18.07.2025 को उप जिलाधिकारी बिल्सी रिपुदमन सिंह को सौंपा जिसमें बताया गया कि जूनागढ़ स्थित गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक पर, जैनों को पूजा के अधिकार से वंचित रखना भारत गणराज्य का संविधान सभी नागरिकों को उनके धर्म के पालन की स्वतंत्रता प्रदान करता है, इसमें किसी को भी रोकने का अधिकार नहीं देता है।लेकिन गत 2 जुलाई 2025 को गिरनार पर्वत की पांचवीं टॉक पर, जिस स्थान से जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर नेमीनाथ जी मोक्ष गए, देश भर से आए हजारों जैन धर्मावलंबियों को उनके पूजा के अधिकार से वंचित रखा गया। न ही भगवान का जयकारा बोलने दिया, न ही कोई द्रव्य आदि चढ़ाने दिया गया, न ही निर्वाण लड्डू चढ़ाने दिया
गया।यहां तक कि पुलिस के द्वारा 10 से अधिक स्थानों पर चेकिंग की गई कि कोई भी चढ़ाने हेतु द्रव्य सामग्री न ले जाने दी गई बल्कि छीन ली गई। और महिलाओं के साथ भी अभद्रता की गई। जबकिभारत सरकार के पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) तथा गुजरात राज्य गजेटियर, दोनों ने स्पष्ट रूप से यह प्रमाणित किया है कि गिरनार की पंचम टोंक मूलतः जैन तीर्थ है।
यह केवल धार्मिक या ऐतिहासिक अपमान नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था के मुंह पर तमाचा है। माननीय गुजरात उच्च न्यायालय ने 2005 में स्पष्ट आदेश दिया है कि पंचम टोंक पर कोई भी नया निर्माण न किया जाए।
हमारी आप से मांग है कि
– ASI और राज्य सरकार गजेटियर के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए और अवैध दत्तात्रेय की मूर्ति को हटाया जाए।
– गिरनार की पांचवीं टोंक को संरक्षित जैन राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए।
हम अल्पसंख्यक जैन समाज आपसे आशा रखते हैं कि आप अवश्य ही जैन मतावलंबियों की धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए गिरनार पर्वत की पांचवीं टोंक पर जैनों को पूजा के अधिकार से वंचित नहीं रखेंगे।
इस मौके पर जैन मिलन बिल्सी के मंत्री वीर नीरेश जैन,ट्री मैन प्रशान्त जैन,मोना जैन,स्वीटी जैन,बबिता जैन,कंचन जैन आदि लोग मौजूद रहे ।।
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