Snehal कोई जो रिश्ता निभा जाए किसी मिलावट के बग़ैर कोई जो खैरियत पूछे किसी तिजारत के बग़ैर समेट के रख लेना महफूज़ तू उसे जो मिलने आए तुझसे किसी शिकायत के बग़ैर....