Sunita O Tiwari ये कलयुंग हैं , तू क्यो रोता हैं बंदे किसी के लिए यहा कोई किसी का नहीं , सब मतलब के यार हैं चार दिन का प्यार फिर ख़ामोश लंबी रात हैं चल अकेला तू राही यहाँ किसी की क्या औक़ात हैं