मानसी ( somdalal ) Mansi " हर किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मीलता , कही जमीन तो कही असमान मिलता हैं !! तात्पर्य ये हैं की जीवन में हर चीज हर किसी को मिलती नहीं , कुछ न कुछ हर किसी के जीवन कमी सी रहती हैं !! राधे कृष्णा जी ,,