Mona (संप्रेषण) वो एक शख्स जो मेरी कहानी नही समझा मेरे अल्फाज, मेरी जुबानी नहीं समझा और उसे गिला है, मैं बहुत बोलती हूँ शायद वो मेरे अंदर की वीरानी नहीं समझा