neelam कश्ती जवां दिल की तूफां से टकरा गई मंजिल मुहब्बत की अब तो करीब आ गई, आगाज़ में है तो अंजाम होगा हंसी दीवाने-परवाने मिलने से डरते नहीं, सोचो न, देखो तो जाने जां, मुझे प्यार से, रात बांकी, बात बांकी होना है जो