सारिका सिंह (मनी )
जिन्दगी इतना बड़ा इम्तिहान भी लेगी
सोचा नहीं था…..
तू दूर भी चला जायेगा छोड़कर कभी सोचा नहीं था…..
उस मोड़ पर बिछड़ेंगे आकर जहाँ बिछड़ना नहीं था….
कैसे सुनाये ये इश्क की दास्तां वो खामोश है मै चुप….
ये दौर था जब हमें चुप रहना नहीं था….. 🌹
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
