neelam ये क्या बात हुई, कि हर जगह मिल जाते हो, कभी ख्वाब,, कभी ख़याल बनके ,, कभी ख्वाहिशों का आसमां लिए कभी वजूद-ए -इश्क का सवाल बनके !!