जयश्री 🎸 रुख से परदा ज़रा जो सरकने लगा उफ़ ये कम्बख्त दिल क्यूँ धड़कने लगा हां भड़कने लगा, दम अटकने लगा ये जो धड़कन है, दुश्मन है हमारी कैसे दिल सम्भले, उलझन है हमारी #जयश्री 💃 #पूजा 🫰 #सिर्फ_तुम