सारिका सिंह (मनी ) मै समझ नहीं सकी इश्क उसका हमेशा ही नजरअंदाज ऐ बयां किया उसका सफर मे लोग मिले तो याद आया वही था सिर्फ अपना..... किस तरहा से याद करू कोई तरीका बताओ मुझको.... दीदार हुए बीत गए दिन बहुत.... दिल से दिल खुद पूछ रहा क्या हाल होगा उसका..