मंजू स्त्री हृदय से चाहें लाख कठोर हो जाएं , किंतु ममत्व नहीं त्याग सकतीं वो ... संतान हो या प्रेमी दोनों के लिए मां की तरह ही सोचतीं है...🥀🩷🤎