सारिका सिंह (मनी )
खत आया उसका तो अश्क़ बह निकले
न जाने कितने पहरो से पैगाम भेजा उसने….
खत को मै पढ़ती गयी उसके, बहते अश्क़ उसके देखती गयी…
मेरी आँखों से फिर अश्क़ निकले,
दोनों के अश्क़ एक साथ मिलके
बोले ये इश्क है दर्दे ऐ मुहब्बत…
करेंगे इश्क भले जान भी अब निकले…❤️
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