सावन मास की कृष्ण पक्ष पंचमी को नागपंचमी मनाई जाएगी। इस बार नाग पंचमी पर कई शुभ योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं आचार्य राजेश कुमार शर्मा से नाग पंचमी का पर्व कब मनाया जाएगा। सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। इस बार नागपंचमी पर कई शुभ योग का संयोग बन रहा है।
नाग पंचमी कब ?
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का आरंभ 28 जुलाई को रात्रि में 11:27 पर आरंभ होगी और 29 जुलाई को रात्रि 12:48 तक तिथि रहेगी। उदय तिथि का अनुसार, नाग पंचमी तिथि 29 तारीख को ही मनाई जाएगी। इस बार नाग पंचमी तिथि पर शिव योग, रवि योग और लक्ष्मी योग का बेहद शुभ संयोग बन रहा है। साथ ही सावन का मंगलवार होने के कारण इस बार नाग पंचमी पर मंगला गौरी व्रत का संयोग भी है।
नाग पंचमी का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आचार्य शर्मा बताते हैं अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष है तो इस दिन नाग पूजा करने से काल सर्प दोष का नकारात्मक प्रभाव कम होता है। साथ ही धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,यह पर्व नाग देवता का प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा का प्रतीक भी है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा करने से घर में खुशियां और सुख समृद्धि बनी रहती है।
नाग पंचमी पूजा विधि
नागपंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उसपर नाग देवता की प्रतिमा स्थापित करें, अगर आपके पास मूर्ति नहीं है तो आप आटे की सर्प बनाकर पूजा कर सकते हैं। इसके बाद नाग देवता को दूध, जल, हल्दी, चावल, फूल, रोली,मिठाई आदि चीजें नाग देवता को अर्पित करें।
जाप मन्त्र
ओम नाग देवाय नम: मंत्र का जप करें।
आचार्य राजेश कुमार शर्मा
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