
(मेंढक की पुकार)
मेंढक ने आवाज लगाई,
आओ आओ बादल भाई।
गर्मी का हाहाकार बढ़ा,
अखबार में मैंने पढ़ा।
पानी बिना पेड़ मुरझाए,
धरती बैठी आस लगाए।
सूख रहे हैं खेत खलिहान,
मृत्यु सैया पर सोए धान।
बादल भाई देर न करना,
बारिश कर सबके दुख हरना।
ओम सिंह (कक्षा 1)
सन्त अभ्यासी स्कूल किलाई
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