*गुरु पूर्णिमा*
*प्रथम गुरु* – माँ, जिन्होंने जन्म दिया।
*द्वितीय गुरु* – धरती माँ, जिनकी गोद में हम पले-बढ़े।
*तृतीय गुरु* – पिता, जिनकी उंगली पकड़कर चलना सीखा।
*चतुर्थ गुरु* – शिक्षक, जिनसे ज्ञान और दिशा मिली।
*पंचम गुरु* – आध्यात्मिक गुरु, जिनकी कृपा से जीवन में प्रकाश आया।
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