Gunjan Agrawal तुम्हारी याद आने पर जिस "तकिए" ने मेरे सीने से लिपटकर मेरे अश्कों को सोखा है और मेरी सुबकियों का गवाह बना है, सच कहूं तुमसे बेहतर है क्यूंकि तुमने हमेशा सिर्फ मेरी मुस्कुराहट देखी,आंखों की नमी नहीं..!!! गुंजन शिशिर