Pushpa Pathak वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा॥ सिंदूर लेपित लाल शरीर। मोदक हाथ, सवारी मूषक वीर॥ जो सुमिरत सदा सुख पावे। विघ्न न आवे, संकट भागे॥ 🙏श्री गणेशाय नमः 🙏