Archana Upadhyay गांव वालों को भी समझना चाहिए और अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजे अगर वो समझते तो शायद आज ये नौबत नहीं आती, वैसे मुझे लगता है की" भय बिन होय न प्रीत "