Ratna Nautiyal
बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि।
जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महामुनि साप दियो तब।
चाहिए कौन बिचार बिचारो।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु।
सो तुम दास के सोक निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि।
संकट मोचन नाम तिहारो।
जय श्री राम! जैसे प्रभु श्री राम और लक्ष्मण जी को कंधे पर धारण किए संकटमोचन हनुमान जी। इसी प्रकार आप हमें भी अपनी कृपा रूपी कंधों पर बिठाकर हमारी इस जीवन सागर रूपी नैया पार लगाना।
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