Chhaya Gupta कैलाशी काशी के वासी अविनाशी मेरी सुधि लीजो। सेवक जानि सदा चरणन को अपनो जानि कृपा कीजो। तुम तो प्रभु जी सदा दयामय अवगुण मेरो सब ढकियो। सब अपराध क्षमा करि शंकर किंकर की विनती सुनियो। हे गौरी पति हमारी विनती अवश्य सुनियो🙏🚩