prabha sashi " सावन की हर फुहार में तेरा ही अक्स नज़र आता है, भीगी हुई हवाओं में तेरा एहसास उतर आता है! मीलों की दूरियाँ भी मोहब्बत को रोक नहीं पातीं, तू पास न होकर भी हर पल मेरे दिल के करीब नज़र आता है ,,!🤞🌧️