Vandana shukla
मेरी रातों के
सब गम ले लो
सुख के कुछ पल दे दो
निज प्रेम से
तुम अभिसिंचित करके
मुझे पूर्ण तृप्त तुम कर दो
यह
उखड़ी उखड़ी सांसें
उखड़े से मेरे ये तन मन
तुम्हें
ढूंढते सब रातों में
ओ मेरे इस जीवन के धन
तेरे
विरह की ज्वाला में
मैं कुन्दन बन चमकी हूँ
सतरंगी
प्यार तेरा साजन
मैं इसी प्यार से महकी हूं
ओ इस मन के
सुर ताल सभी
आगे क्या तेरा इरादा है
क्या
यह सावन भी सूखा जाएगा
कोई बारिश का नहीं इरादा है
जीवन तुझसे तेरे हवाले
मैं तेरे चरणों की सुकुमारी
मुझे हृदय में रखना मर जाएगी सुकुमारी
#शुभ_प्रभात
#बिंदास_वंदना
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