Vandana shukla
क्यों तुम्हे अक्सर ही पास महसूस करती हूँ,
क्यों तुम्हारे न होने पर सब वीरान लगता है।
क्या तुम भी महसूस करते हो कुछ ऐसा ही,
क्या तुम्हे भी मेरा साथ सबसे प्यारा लगता है?
होती हूँ बैठीजब मैं अकेली कभी भी,
सामने सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा दिखता है।
पता है कि तुम नहीं हो पास बैठे हुए मेरे,
फिर भी मेरा दिल तुमको ही ढूंढ़ता है
मेरी बाँहों को तुम्हारे आलिंगन का इंतजार है,
होठों को मेरे तुम्हारे होठों से मिलने का आसार है।
कभी तो वह मुकम्मल वक़्त आएगा
जब कोई न होगा हमदोनों प्रेमी के दरमियां।
वह क्षण बड़ा ही मदहोशी वाला होगा
मेरे हाथों में हाथ तुम्हारा होगा
बहक गए दोनों तो मत रोकना बहकने से,
प्रेम रस में हो जाएंगे सराबोर उस पल हम दोनो
तभी तो मोहब्बत का मधुर मिलन होगा
#सुप्रभात
#बिंदास_वंदना
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