Tripti Tripathi
उसने कहा- चाँद लिखो,
मैंने लिखा- “उसका चेहरा”।
उसने कहा- मौसम लिखो,
मैंने लिखा- “उसका मिज़ाज”।
उसने कहा- मंज़िल लिखो,
मैंने लिखा- “उसकी राहें”।
उसने कहा- दुआ लिखो,
मैंने लिखा- “उसकी खुशी”।
उसने कहा- इबादत लिखो,
मैंने लिखा- “उसका साथ”।
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