neelam प्रेम यदि हो जाए और सच में प्रेम हो जाए तो उसमें निभाने के सिवा कोई दूसरा मार्ग शेष नहीं रहता!! जहाँ विकल्प बचते हैं, वहाँ भावनाएँ हो सकती हैं आकर्षण हो सकता है पर प्रेम नहीं क्योंकि सच्चा प्रेम चुनता नहीं बस जीवन भर साथ निभाता ह!