Tripti Tripathi तुम रूप हो, तुम सार हो , इस ज़िंदगी का श्रृंगार हो...!! तुमसे ही मेरी सुबह सजे , तुम धड़कनों की झंकार हो...!! जब तुम मिले, तो मिट गई , सदियों की मेरी प्यास है...!! तुमसे ही मेरा वजूद है, तुमसे ही हर एक सांस है...!!❤️ #Goodmorning_X