Sugandha Sharma तुझसे ही जिन्दगी का अर्थ है तू खिला है मन मस्तिष्क में तेरे ख्याल भर से महक है तू है तो पूरक हूं मैं जो नहीं है तो बनवास है... #सुप्रभात_जिंदगी