ज्येष्ठ अमावस्या पर कछला घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उझानी से पहुंचे हजारों श्रद्धालु।
उझानी-बदांयू 17 मई।
ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर कछला गंगा घाट शनिवार को हर-हर गंगे के जयकारों से गूंज उठा। ब्रह्ममुहूर्त से ही उझानी, कासगंज, सोरों सहित आसपास के कस्बों और गांवों से हजारों श्रद्धालु कछला घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचने लगे।
भोर होते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली, बसों और निजी वाहनों से जत्थे के जत्थे श्रद्धालु कछला पहुंचे। महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए गंगा मैया का आह्वान किया। स्नान से पूर्व सैकड़ों लोगों ने घाट पर ही मुंडन संस्कार कराया और तीर्थ पुरोहितों के सान्निध्य में पूर्वजों की आत्म-शांति के लिए तर्पण व पिंडदान किया।
कछला के मुख्य घाट पर पैर रखने की जगह नहीं थी। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट किनारे बैठे जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र और दक्षिणा दान कर पुण्य कमाया। कई परिवारों ने गंगा का दुग्धाभिषेक कर पैरावनी भी की।
स्नान के बाद उझानी क्षेत्र से आए श्रद्धालु कछला स्थित संतों के आश्रमों में पहुंचे। यहां अन्नक्षेत्र चलाकर प्रसाद वितरण किया गया। उझानी के कई समाजसेवी संगठनों ने घाट पर शरबत और जल सेवा की व्यवस्था की।
भीड़ को देखते हुए कछला-उझानी मार्ग पर पुलिस और पीएसी तैनात रही। नगर पंचायत ने मेला ग्राउंड में पार्किंग की व्यवस्था की, जिससे मुख्य मार्ग पर जाम नहीं लगा। नावों पर गोताखोर और जल पुलिस लगातार गश्त करती रही।
ज्येष्ठ अमावस्या पर गंगा स्नान से पितृ दोष शांत होता है और अक्षय पुण्य मिलता है। इसी आस्था के चलते राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली के साथ-साथ उझानी क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग एक दिन पहले ही कछला पहुंच गए थे।


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