neelam रातें तो देखी मग़र चाँदनी राते नहीं देखी, हो जाए कैद उनकी बाहों में ऐसी सलाखें नहीं देखी, ओर दुनिया तरसे जन्नत के दीदार को , लगता है किसी ने तुम्हारी आँखें नहीं देखी!!