Gunjan Agrawal "प्रेम के बीज" जब कभी मिलो मुझसे तुम, तो सिर्फ ऐसे मिलना कि.. हमारे मध्य उग रहे,गलतफहमियों के दरख़्त, पूर्णरूपेण कट सकें और.. उनकी जगह प्रेम के नए बीज दोबारा उपज सकें..!!! गुंजन शिशिर