सारिका सिंह (मनी ) मेरी निगाहो मे बस गए हो तुम जमाने को क्या बताऊ मेरे लिए क्या हो तुम चंद अल्फाज़ लिख देता हूँ..... मेरे इश्क को समझना तुम रूठ भी गए तो मना लूंगा.... मेरे दिल से पूछो गैर नहीं हो तुम...