neelam neelam जब से थामा है उनका हाथ, डर भी दूर हो गया, अंधेरों में भी जैसे उजाले का नूर हो गया। अब तो हर धड़कन कहती है बस यही एक बात मेरे ठाकुर जी ही मेरी दुनिया, वही मेरी हर सौगात जय जय श्री राधे