सुनीता पाण्डेय 'सुरभि'🪈🦚🪷🪄🕉️ एक तुम्हीं से आस है, अर्जी सुन लो श्याम। चलते-चलते थक गई, अब दे दो आराम।। भोर नई अब दो मुझे, जल्दी बीते शाम। सुधि मेरी लेते नहीं, क्यों रूठे हो श्याम।। - सुनीता पाण्डेय 'सुरभि'