Smart Naina तेरी आंखें जैसे खुशियों का आंगन ,जिस्म संगमरमर अधर पुष्पों की पंखुड़ी , बिखरी जुल्फें गालों पर तेरी मुस्कान में चार चांद सी लगा जाती है तेरी अदाएं बेमिसाल मैं घायल मैं ही जानू धड़कन बढ़ती जाती है सांसे रुक सी जाती है