सरसों तेल रिफाइंड व पॉम ऑयल महंगे होने से बिगड़ा रसोई का जायका।
उझानी-बदांयू 7 अप्रैल।
खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। रिफाइंड और पॉम ऑयल के दामों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक महीने में दामों में 10 रुपये तक की वृद्धि हुई है। बाजार में रिफाइंड तेल की कीमत 170 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है, वहीं पॉम ऑयल भी 160 रुपये प्रति किलो से अधिक में बिक रहा है। वही सरसों के तेल ने भी आंखें तरेरनी शुरू कर दी है,वह भी 165,170 किलो पर बिक रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और आयात पर निर्भरता के चलते स्थानीय स्तर पर भी कीमतों में असर देखने को मिल रहा है। रिफाइंड तेल के लिए सोयाबीन मुख्य रूप से अर्जेंटीना और शिकागो से आता है, जबकि पॉम ऑयल की आपूर्ति मलयेशिया और इंडोनेशिया से होती है।
इन देशों में युद्ध के चलते उत्पादन, निर्यात नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है। लगातार बढ़ती कीमतों के चलते आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है और लोग सरकार से राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
पिछले कुछ समय से तेलों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ग्राहक पहले जितना तेल लेते थे, अब कम मात्रा में खरीद रहे हैं। इससे बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। आने वाले समय में दाम और बढ़ सकते हैं। – नरेंद्र कुमार, रिफाइंड तेल के थोक व फुटकर विक्रेता।
बाहर से ही माल महंगा आ रहा है। थोक बाजार में ही कीमतें बढ़ी हुई मिल रही हैं, जिसके कारण खुदरा में भी दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। अभी हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में और तेजी देखने को मिल सकती है। सुभाष माहेश्वरी ,रिफाइंड तेल के फुटकर बिक्रेता।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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