Madhuri कहते है======= नीयते साफ भी हो तो इल्जाम लग ही जाते है ===और इंसान को कोई भी चीज़ इतना नहीं बदल सकती जितना उसके दिल पर गुजरी हुई तकलीफें उसे बदल देती है