PRIYA SHARMA तेरी उंगलियों का सफर जब मेरी रूह छू जाए, जिस्म की हर सरहद जैसे खुद-ब-खुद मिट जाए। ये चांदनी भी गवाह बने हमारे इश्क़ की, जब तू पास आए तो हर हद ही टूट जाए।