सारिका सिंह (मनी ) न दिन मे सकूँ है साथी न रात को सकूँ है...... ख्याल तेरे आते है हरवक्त ख्वाब मे तू मौजूद है..... तू है नहीं पास मेरे किसको करू हकीकत बयां दिल मे दर्द बहुत है..... तन्हा सी है जिन्दगी यार है बहुत तुझसा एक नहीं है..... ❣️❣️